कक्षा 12 भौतिकी (CBSE 2026–27)

अध्याय 1: विद्युत आवेश और क्षेत्र

20 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर

1. विद्युत आवेश क्या है? इसके मूल गुण लिखिए।

उत्तर:
विद्युत आवेश पदार्थ का एक मूलभूत गुण है, जिसके कारण विद्युत परस्पर क्रियाएँ उत्पन्न होती हैं। यह दो प्रकार का होता है—धनात्मक और ऋणात्मक। समान आवेश एक-दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं, जबकि असमान आवेश आकर्षित करते हैं। आवेश की SI इकाई कूलॉम (C) होती है। विद्युत आवेश के मुख्य गुण हैं: (i) आवेश संरक्षण का नियम—आवेश न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट, केवल स्थानांतरित होता है; (ii) आवेश का क्वांटीकरण—आवेश सदैव मूल आवेश e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C के पूर्णांक गुणज होते हैं; (iii) आवेशों का योगात्मक गुण—किसी निकाय का कुल आवेश व्यक्तिगत आवेशों के बीजीय योग के बराबर होता है। ये गुण विद्युत स्थैतिकी की नींव हैं।


2. आवेश संरक्षण का सिद्धांत समझाइए।

उत्तर:
आवेश संरक्षण का सिद्धांत कहता है कि किसी पृथक (isolated) प्रणाली में कुल विद्युत आवेश सदैव नियत रहता है। आवेश को न तो उत्पन्न किया जा सकता है और न ही नष्ट किया जा सकता है, केवल एक वस्तु से दूसरी वस्तु में स्थानांतरित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, जब काँच की छड़ को रेशम से रगड़ा जाता है, तो इलेक्ट्रॉन काँच से रेशम में चले जाते हैं। इससे काँच धनावेशित और रेशम ऋणावेशित हो जाता है, लेकिन कुल आवेश अपरिवर्तित रहता है। यह सिद्धांत सभी भौतिक एवं रासायनिक प्रक्रियाओं में सत्य है और प्रकृति का एक मूलभूत नियम है।


3. आवेश का क्वांटीकरण क्या है?

उत्तर:
आवेश का क्वांटीकरण यह दर्शाता है कि विद्युत आवेश सतत (continuous) न होकर निश्चित छोटे-छोटे पैकेट्स में होता है। इसके अनुसार किसी भी वस्तु पर उपस्थित आवेश मूल आवेश e के पूर्णांक गुणज के रूप में होता है। गणितीय रूप से, q = ne, जहाँ q कुल आवेश, n पूर्णांक और e = 1.6 × 10⁻¹⁹ C है। इसका अर्थ है कि कोई वस्तु 2e, 3e, 5e आदि आवेश रख सकती है, लेकिन 2.5e नहीं। यह गुण इसलिए होता है क्योंकि इलेक्ट्रॉन और प्रोटॉन जैसे कणों का आवेश निश्चित होता है। यह विद्युत आवेश की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।


4. कूलॉम का नियम लिखिए और इसका सूत्र दीजिए।

उत्तर:
कूलॉम का नियम बताता है कि दो स्थिर बिंदु आवेशों के बीच लगने वाला विद्युत बल उनके आवेशों के गुणनफल के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह बल दोनों आवेशों को जोड़ने वाली रेखा के अनुदिश कार्य करता है। गणितीय रूप से,

F = k(q₁q₂ / r²)

जहाँ F बल है, q₁ और q₂ आवेश हैं, r दूरी है तथा k स्थिरांक है। निर्वात में k = 9 × 10⁹ Nm²/C² होता है। समान आवेशों में प्रतिकर्षण और विपरीत आवेशों में आकर्षण होता है।


5. कूलॉम के नियम की सीमाएँ लिखिए।

उत्तर:
कूलॉम का नियम कुछ विशेष परिस्थितियों में ही लागू होता है। यह केवल बिंदु आवेशों या बहुत छोटे आकार वाले आवेशों के लिए मान्य है। आवेश स्थिर होने चाहिए, क्योंकि यह केवल स्थिर विद्युत (electrostatic) स्थिति में लागू होता है। इसके अलावा माध्यम समरूप और समदैशिक होना चाहिए। बहुत छोटे परमाण्विक दूरी पर यह नियम सटीक परिणाम नहीं देता क्योंकि वहाँ क्वांटम प्रभाव महत्वपूर्ण हो जाते हैं। यह नियम गतिशील आवेशों द्वारा उत्पन्न चुंबकीय प्रभावों को भी नहीं दर्शाता। फिर भी अधिकांश व्यावहारिक स्थितियों में यह अत्यंत उपयोगी है।


6. विद्युत क्षेत्र तथा विद्युत क्षेत्र तीव्रता की परिभाषा दीजिए।

उत्तर:
विद्युत क्षेत्र वह क्षेत्र है जहाँ किसी आवेश पर विद्युत बल कार्य करता है। यह किसी आवेश के चारों ओर का प्रभाव क्षेत्र होता है। विद्युत क्षेत्र तीव्रता (E) को उस बिंदु पर रखे गए एकक धन परीक्षण आवेश पर लगने वाले बल के रूप में परिभाषित किया जाता है।

E = F/q

जहाँ F बल और q परीक्षण आवेश है। इसकी SI इकाई N/C होती है। विद्युत क्षेत्र की दिशा उस बल की दिशा होती है जो धनात्मक परीक्षण आवेश पर लगता है। यह विद्युत क्षेत्र की शक्ति और दिशा को दर्शाता है।


7. बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र का सूत्र व्युत्पन्न कीजिए।

उत्तर:
मान लीजिए एक बिंदु आवेश Q रखा है और उससे r दूरी पर परीक्षण आवेश q रखा गया है। कूलॉम के नियम से बल होगा:

F = (1/4πε₀)(Qq / r²)

विद्युत क्षेत्र की परिभाषा के अनुसार,

E = F/q

मान रखने पर,

E = (1/4πε₀)(Q / r²)

अतः बिंदु आवेश के कारण विद्युत क्षेत्र दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह धन आवेश से बाहर की ओर तथा ऋण आवेश की ओर निर्देशित होता है।


8. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ क्या हैं? इनके गुण लिखिए।

उत्तर:
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ काल्पनिक रेखाएँ हैं जो विद्युत क्षेत्र की दिशा और तीव्रता को दर्शाती हैं। किसी बिंदु पर स्पर्श रेखा उस स्थान पर विद्युत क्षेत्र की दिशा बताती है। इनके गुण: (i) ये धन आवेश से निकलती हैं और ऋण आवेश पर समाप्त होती हैं; (ii) कभी भी एक-दूसरे को नहीं काटतीं; (iii) रेखाओं का घनत्व क्षेत्र की तीव्रता दर्शाता है; (iv) ये सतत वक्र होती हैं; (v) स्थिर विद्युत में ये बंद लूप नहीं बनातीं। ये विद्युत क्षेत्र को समझने का एक दृश्य माध्यम हैं।


9. विद्युत क्षेत्र रेखाएँ एक-दूसरे को क्यों नहीं काटतीं?

उत्तर:
विद्युत क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटतीं क्योंकि किसी भी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की केवल एक ही दिशा होती है। यदि दो रेखाएँ काटें, तो उस बिंदु पर दो स्पर्श रेखाएँ होंगी, अर्थात दो दिशाएँ मिलेंगी, जो असंभव है। यदि ऐसा होता, तो परीक्षण आवेश को दो अलग-अलग दिशाओं में बल अनुभव होता, जो भौतिक रूप से संभव नहीं है। इसलिए विद्युत क्षेत्र रेखाएँ हमेशा अलग-अलग रहती हैं।


10. विद्युत द्विध्रुव की परिभाषा दीजिए।

उत्तर:
विद्युत द्विध्रुव दो समान परिमाण के विपरीत आवेशों का एक युग्म होता है जो एक छोटे अंतर से अलग होते हैं। इनके बीच की दूरी को द्विध्रुव लंबाई कहते हैं। यह कई अणुओं और प्रणालियों में पाया जाता है। इसका एक महत्वपूर्ण गुण द्विध्रुव आघूर्ण है, जो आवेश और दूरी के गुणनफल के बराबर होता है।

p = q × 2a

यह ऋण आवेश से धन आवेश की दिशा में होता है।


11. विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण क्या है?

उत्तर:
विद्युत द्विध्रुव आघूर्ण एक सदिश राशि है जो द्विध्रुव की शक्ति को दर्शाती है। यह किसी एक आवेश और उनके बीच की दूरी के गुणनफल के बराबर होता है।

p = q × d

इसकी SI इकाई C m होती है। इसकी दिशा ऋण आवेश से धन आवेश की ओर होती है। अधिक द्विध्रुव आघूर्ण का अर्थ मजबूत द्विध्रुव होता है। यह अणुओं की ध्रुवीयता समझने में महत्वपूर्ण है।


12. द्विध्रुव के अक्षीय रेखा पर विद्युत क्षेत्र का सूत्र लिखिए।

उत्तर:
द्विध्रुव के अक्षीय रेखा पर दूर स्थित बिंदु के लिए विद्युत क्षेत्र:

E = (1/4πε₀)(2p / r³)

जहाँ p द्विध्रुव आघूर्ण है और r दूरी है। यह क्षेत्र द्विध्रुव की धुरी के अनुदिश होता है। यह दूरी के घन के व्युत्क्रमानुपाती होता है, इसलिए तेजी से घटता है।


13. द्विध्रुव की भूमध्य रेखा पर विद्युत क्षेत्र का सूत्र लिखिए।

उत्तर:
भूमध्य रेखा पर दूर स्थित बिंदु के लिए:

E = (1/4πε₀)(p / r³)

इसकी दिशा द्विध्रुव आघूर्ण के विपरीत होती है। यह अक्षीय क्षेत्र का आधा होता है। यह संबंध द्विध्रुव के विभिन्न बिंदुओं पर क्षेत्र की तुलना में सहायक है।


14. विद्युत फ्लक्स क्या है?

उत्तर:
विद्युत फ्लक्स किसी सतह से होकर गुजरने वाले विद्युत क्षेत्र की कुल मात्रा को दर्शाता है।

Φ = EA cosθ

यह एक अदिश राशि है। इसकी इकाई N m²/C होती है। यह सतह से गुजरने वाली क्षेत्र रेखाओं की संख्या का माप है। यह धनात्मक, ऋणात्मक या शून्य हो सकता है।


15. गाउस का नियम लिखिए।

उत्तर:
गाउस का नियम कहता है कि किसी बंद सतह से होकर गुजरने वाला कुल विद्युत फ्लक्स उस सतह के भीतर उपस्थित कुल आवेश के ε₀ से भागफल के बराबर होता है।

Φ = Q/ε₀

यह नियम विद्युत क्षेत्र की गणना को सरल बनाता है, विशेषकर सममित स्थितियों में।


16. गाउसियन सतह क्या है?

उत्तर:
गाउसियन सतह एक काल्पनिक बंद सतह है जिसका उपयोग गाउस के नियम को लागू करने के लिए किया जाता है। यह गोले, बेलन या समतल हो सकती है। इसका चयन आवेश वितरण की सममिति पर निर्भर करता है। इसके अंदर का आवेश ही फ्लक्स को प्रभावित करता है।


17. गाउस के नियम के अनुप्रयोग लिखिए।

उत्तर:
गाउस का नियम विभिन्न सममित स्थितियों में विद्युत क्षेत्र ज्ञात करने में उपयोगी है, जैसे—आवेशित गोला, बेलनाकार तार, अनंत समतल शीट आदि। यह यह भी दर्शाता है कि चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य होता है। यह गणनाओं को सरल बनाता है।


18. चालक के अंदर विद्युत क्षेत्र शून्य क्यों होता है?

उत्तर:
स्थिर अवस्था में चालक के अंदर मुक्त इलेक्ट्रॉन पुनर्वितरित हो जाते हैं, जिससे आंतरिक विद्युत क्षेत्र समाप्त हो जाता है। यदि क्षेत्र होता, तो इलेक्ट्रॉन गतिशील हो जाते और संतुलन टूट जाता। गाउस के नियम से भी अंदर का क्षेत्र शून्य सिद्ध होता है।


19. इलेक्ट्रोस्टैटिक शील्डिंग क्या है?

उत्तर:
इलेक्ट्रोस्टैटिक शील्डिंग वह प्रक्रिया है जिसमें चालक के अंदर का क्षेत्र बाहरी विद्युत क्षेत्र से प्रभावित नहीं होता। बाहरी आवेश सतह पर पुनर्वितरित होकर अंदर का क्षेत्र शून्य कर देते हैं। इसे फैराडे पिंजरा भी कहते हैं।


20. विद्युत क्षेत्र और विद्युत फ्लक्स में अंतर बताइए।

उत्तर:
विद्युत क्षेत्र वह बल है जो एकक आवेश पर लगता है और यह सदिश राशि है (इकाई N/C)। विद्युत फ्लक्स किसी सतह से गुजरने वाले क्षेत्र की मात्रा है और यह अदिश राशि है (इकाई N m²/C)। विद्युत क्षेत्र बिंदु विशेष पर होता है, जबकि फ्लक्स सतह पर निर्भर करता है।