यहाँ CBSE Class 12 Geography (Book: India: People and Economy)
Chapter 3 – भूमि संसाधन और कृषि (Land Resources and Agriculture) के लिए
20 महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर दिए गए हैं:


1. भूमि संसाधन क्या हैं?

उत्तर:
भूमि संसाधन से आशय पृथ्वी की सतह पर उपलब्ध प्राकृतिक भूमि से है, जिसका उपयोग कृषि, आवास, उद्योग, परिवहन और अन्य मानवीय गतिविधियों के लिए किया जाता है। भारत में भूमि एक सीमित और अत्यंत महत्वपूर्ण संसाधन है। भूमि का उपयोग उसकी गुणवत्ता, जलवायु, स्थलाकृति और मानवीय आवश्यकताओं के अनुसार बदलता रहता है। भूमि उपयोग के प्रमुख वर्गों में वन, कृषि भूमि, चरागाह, बंजर भूमि और गैर-कृषि उपयोग शामिल हैं। भूमि संसाधन आर्थिक विकास और खाद्य सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


2. भूमि उपयोग के प्रमुख वर्ग कौन-कौन से हैं?

उत्तर:
भारत में भूमि उपयोग को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है, जैसे—वन क्षेत्र, कृषि योग्य भूमि, चरागाह भूमि, बंजर भूमि, गैर-कृषि उपयोग भूमि, वर्तमान परती भूमि और अन्य परती भूमि। प्रत्येक श्रेणी का उपयोग अलग-अलग उद्देश्यों के लिए किया जाता है। उदाहरण के लिए, वन पर्यावरण संतुलन बनाए रखते हैं, जबकि कृषि भूमि खाद्यान्न उत्पादन में सहायक होती है। भूमि उपयोग का यह वर्गीकरण आर्थिक गतिविधियों और प्राकृतिक संसाधनों के संतुलन को समझने में मदद करता है।


3. भारत में भूमि निम्नीकरण के प्रमुख कारण क्या हैं?

उत्तर:
भूमि निम्नीकरण का अर्थ भूमि की गुणवत्ता का गिरना है। भारत में इसके प्रमुख कारण वनों की कटाई, अत्यधिक चराई, रासायनिक उर्वरकों का अत्यधिक प्रयोग, जलभराव, मृदा अपरदन और खनन गतिविधियाँ हैं। औद्योगिक कचरा और प्रदूषण भी भूमि को खराब करते हैं। इसके कारण कृषि उत्पादन प्रभावित होता है और भूमि की उपजाऊ शक्ति घटती है। इसे रोकने के लिए वनीकरण, संतुलित उर्वरक उपयोग और मृदा संरक्षण उपाय आवश्यक हैं।


4. भारत में कृषि की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

उत्तर:
भारतीय कृषि मुख्यतः मानसून पर निर्भर है। यह एक जीविकोपार्जन (subsistence) कृषि है, जिसमें छोटे किसान अधिक संख्या में हैं। भूमि का विखंडन अधिक है और सिंचाई सुविधाएँ असमान हैं। भारत में विविध प्रकार की फसलें उगाई जाती हैं जैसे चावल, गेहूँ, कपास आदि। हरित क्रांति ने कृषि उत्पादन में वृद्धि की है। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था का आधार है क्योंकि बड़ी जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।


5. भारत में सिंचाई का महत्व क्या है?

उत्तर:
सिंचाई कृषि उत्पादन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि भारतीय कृषि मानसून पर निर्भर है और वर्षा अनिश्चित होती है। सिंचाई से सूखा क्षेत्रों में भी खेती संभव होती है। यह फसल उत्पादन को स्थिर और अधिक बनाती है। इससे बहुफसली खेती को बढ़ावा मिलता है और कृषि आय में वृद्धि होती है। नहरें, ट्यूबवेल, कुएँ और तालाब सिंचाई के प्रमुख साधन हैं। सिंचाई कृषि विकास की आधारशिला है।


6. परती भूमि क्या होती है?

उत्तर:
परती भूमि वह भूमि होती है जिसे कुछ समय के लिए बिना खेती के छोड़ दिया जाता है ताकि उसकी उर्वरता पुनः प्राप्त हो सके। वर्तमान परती भूमि वह है जो एक वर्ष तक खाली रहती है, जबकि पुरानी परती भूमि 1 से 5 वर्षों तक बिना उपयोग रहती है। भारत में परती भूमि का क्षेत्रफल कृषि दबाव और मृदा गुणवत्ता के कारण बढ़ता-घटता रहता है। इसका उचित प्रबंधन आवश्यक है।


7. हरित क्रांति क्या है?

उत्तर:
हरित क्रांति का अर्थ 1960 के दशक में कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए अपनाई गई नई तकनीकों से है। इसमें उच्च उपज देने वाली किस्मों (HYV), रासायनिक उर्वरकों, सिंचाई और मशीनों का उपयोग शामिल था। इसका उद्देश्य खाद्य उत्पादन बढ़ाना था। इससे विशेषकर गेहूँ और चावल के उत्पादन में वृद्धि हुई। हालांकि इसके कुछ नकारात्मक प्रभाव जैसे मृदा निम्नीकरण और क्षेत्रीय असमानता भी देखी गई।


8. भारत में प्रमुख फसलें कौन-कौन सी हैं?

उत्तर:
भारत में प्रमुख खाद्यान्न फसलें चावल, गेहूँ, मक्का और दालें हैं। नकदी फसलों में कपास, गन्ना, जूट, चाय और कॉफी प्रमुख हैं। फसलों का वितरण जलवायु, मृदा और सिंचाई पर निर्भर करता है। उदाहरण के लिए, चावल अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में और गेहूँ कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उगाया जाता है। भारत विविध कृषि फसलों वाला देश है।


9. भूमि उपयोग को प्रभावित करने वाले कारक क्या हैं?

उत्तर:
भूमि उपयोग को प्राकृतिक और मानवीय दोनों कारक प्रभावित करते हैं। प्राकृतिक कारकों में स्थलाकृति, जलवायु, मृदा और जल उपलब्धता शामिल हैं। मानवीय कारकों में जनसंख्या दबाव, तकनीक, आर्थिक विकास और सरकारी नीतियाँ आती हैं। जैसे-जैसे उद्योग और शहरीकरण बढ़ते हैं, कृषि भूमि घटती जाती है। इसलिए भूमि उपयोग में निरंतर परिवर्तन होता रहता है।


10. फसल चक्र (Cropping Pattern) क्या है?

उत्तर:
फसल चक्र से आशय किसी क्षेत्र में उगाई जाने वाली फसलों के क्रम और प्रकार से है। भारत में मुख्यतः खरीफ, रबी और जायद फसलें उगाई जाती हैं। खरीफ फसलें मानसून में, रबी सर्दियों में और जायद गर्मियों में उगाई जाती हैं। फसल चक्र मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होता है।


11. भारत में भूमि विखंडन की समस्या क्या है?

उत्तर:
भूमि विखंडन का अर्थ है कृषि भूमि का छोटे-छोटे टुकड़ों में बंट जाना। भारत में संयुक्त परिवार प्रणाली और जनसंख्या वृद्धि के कारण यह समस्या अधिक है। इससे कृषि उत्पादन कम होता है और आधुनिक मशीनों का उपयोग कठिन हो जाता है। यह कृषि की उत्पादकता को प्रभावित करता है।


12. मृदा अपरदन क्या है?

उत्तर:
मृदा अपरदन वह प्रक्रिया है जिसमें हवा, जल या अन्य प्राकृतिक कारणों से मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत हट जाती है। इससे भूमि की उर्वरता घटती है। वनों की कटाई, अत्यधिक चराई और गलत कृषि पद्धतियाँ इसके प्रमुख कारण हैं। यह कृषि के लिए गंभीर समस्या है।


13. भारत में कृषि पर मानसून का प्रभाव क्या है?

उत्तर:
भारतीय कृषि मुख्यतः मानसून पर निर्भर है। यदि मानसून अच्छा होता है तो उत्पादन बढ़ता है, और यदि कमजोर होता है तो सूखा पड़ता है। इससे कृषि आय और खाद्य सुरक्षा प्रभावित होती है। इसलिए भारतीय कृषि को “मानसून का जुआ” भी कहा जाता है।


14. कृषि भूमि निम्नीकरण को कैसे रोका जा सकता है?

उत्तर:
इसके लिए वनीकरण, फसल चक्र, जैविक खेती, रासायनिक उर्वरकों का सीमित उपयोग, मृदा संरक्षण तकनीक और जल प्रबंधन आवश्यक हैं। सरकार द्वारा भी कई योजनाएँ चलाई जा रही हैं। इससे भूमि की गुणवत्ता बनी रहती है।


15. शुष्क कृषि (Dry Farming) क्या है?

उत्तर:
शुष्क कृषि उन क्षेत्रों में की जाती है जहाँ वर्षा कम होती है। इसमें नमी संरक्षण तकनीकों का उपयोग किया जाता है। यह मुख्यतः ज्वार, बाजरा और दालों की खेती के लिए उपयुक्त है। यह कम जल वाले क्षेत्रों की कृषि प्रणाली है।


16. भारत में कृषि का महत्व क्या है?

उत्तर:
कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। यह रोजगार का प्रमुख स्रोत है और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उद्योगों को कच्चा माल भी कृषि से मिलता है। लगभग आधी जनसंख्या कृषि पर निर्भर है।


17. मिश्रित कृषि क्या है?

उत्तर:
मिश्रित कृषि में फसल उत्पादन के साथ पशुपालन भी किया जाता है। इससे किसानों की आय बढ़ती है और जोखिम कम होता है। यह प्रणाली विकसित देशों में अधिक प्रचलित है, लेकिन भारत में भी इसका विस्तार हो रहा है।


18. भूमि संसाधनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है?

उत्तर:
भूमि सीमित संसाधन है और बढ़ती जनसंख्या के कारण इसका अत्यधिक उपयोग हो रहा है। इसलिए भूमि संरक्षण आवश्यक है ताकि भविष्य में खाद्य सुरक्षा बनी रहे और पर्यावरण संतुलन कायम रहे।


19. भारत में कृषि विकास की प्रमुख समस्याएँ क्या हैं?

उत्तर:
कम उत्पादकता, सिंचाई की कमी, भूमि विखंडन, मानसून पर निर्भरता, तकनीकी पिछड़ापन और मृदा निम्नीकरण प्रमुख समस्याएँ हैं। इनसे कृषि विकास बाधित होता है।


20. सतत कृषि (Sustainable Agriculture) क्या है?

उत्तर:
सतत कृषि वह प्रणाली है जिसमें प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग इस प्रकार किया जाता है कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भी संसाधन सुरक्षित रहें। इसमें पर्यावरण संरक्षण और उत्पादन दोनों का संतुलन रखा जाता है।