नीचे CBSE Class 12 Geography (Fundamentals of Human Geography) – Chapter 4: प्राथमिक क्रियाएँ के लिए 20 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर हिंदी में दिए गए हैं। ये बोर्ड परीक्षा 2026–27 के अनुसार उपयोगी हैं।


1. प्राथमिक क्रियाएँ क्या हैं?

प्राथमिक क्रियाएँ वे आर्थिक गतिविधियाँ हैं जो सीधे प्रकृति पर निर्भर होती हैं और जिनसे कच्चा माल प्राप्त होता है। इनमें कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन, वानिकी, खनन और आखेट शामिल हैं। ये मानव जीवन की सबसे प्रारंभिक आर्थिक क्रियाएँ हैं। इनका मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग करके भोजन, वस्त्र और अन्य आवश्यक वस्तुएँ प्राप्त करना होता है। प्राथमिक क्रियाओं में कार्य करने वाले लोगों को “रेड कॉलर श्रमिक” कहा जाता है क्योंकि वे खुले वातावरण में कार्य करते हैं। ये गतिविधियाँ आर्थिक विकास की आधारशिला मानी जाती हैं।


2. आखेट और संग्रहण क्या हैं?

आखेट और संग्रहण प्राथमिक क्रियाओं के सबसे प्राचीन रूप हैं। आदिम मानव भोजन, वस्त्र और आवास के लिए जंगली जानवरों का शिकार करता था और वनस्पतियों का संग्रह करता था। वर्तमान में यह गतिविधि कठोर जलवायु वाले क्षेत्रों जैसे अमेज़न, आर्कटिक और अफ्रीका में सीमित रूप में पाई जाती है। तकनीक के विकास से शिकार में बदलाव आया है, लेकिन अत्यधिक शिकार के कारण कई जीव विलुप्त होने की कगार पर हैं। संग्रहण में लोग फल, जड़ें, औषधीय पौधे आदि एकत्र करते हैं। यह गतिविधि कम निवेश और सीमित उत्पादन वाली होती है।


3. पशुपालन (Pastoralism) क्या है?

पशुपालन एक प्रमुख प्राथमिक गतिविधि है जिसमें लोग पशुओं जैसे भेड़, बकरी, ऊँट, गाय आदि का पालन करते हैं। इसका उद्देश्य दूध, मांस, ऊन और चमड़ा प्राप्त करना होता है। यह गतिविधि घास के मैदानों और शुष्क क्षेत्रों में अधिक विकसित होती है। पशुपालन दो प्रकार का होता है—घुमंतू पशुपालन और वाणिज्यिक पशुपालन। घुमंतू पशुपालक अपने पशुओं के साथ स्थान बदलते रहते हैं। यह गतिविधि प्राकृतिक चरागाहों पर निर्भर होती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।


4. कृषि को प्राथमिक क्रिया क्यों कहा जाता है?

कृषि एक प्रमुख प्राथमिक क्रिया है क्योंकि यह सीधे भूमि और प्राकृतिक संसाधनों पर निर्भर करती है। इसमें फसलों की खेती करके खाद्य पदार्थ और कच्चा माल प्राप्त किया जाता है। कृषि मानव सभ्यता की रीढ़ मानी जाती है क्योंकि यह भोजन सुरक्षा प्रदान करती है। यह गतिविधि मानसून, मिट्टी, जलवायु और जल संसाधनों पर निर्भर होती है। कृषि दो प्रकार की होती है—निर्वाह कृषि और वाणिज्यिक कृषि। आधुनिक तकनीक के उपयोग से कृषि उत्पादन में वृद्धि हुई है। यह रोजगार और आर्थिक विकास का प्रमुख स्रोत है।


5. निर्वाह कृषि क्या है?

निर्वाह कृषि वह कृषि प्रणाली है जिसमें किसान अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए फसल उगाते हैं। इसमें उत्पादन बहुत सीमित होता है और बाजार में बिक्री कम होती है। यह कृषि पारंपरिक उपकरणों और मानव श्रम पर आधारित होती है। इसमें झूम कृषि और स्थायी कृषि शामिल हैं। झूम कृषि में किसान स्थान बदलकर खेती करते हैं, जबकि स्थायी कृषि में एक ही स्थान पर खेती होती है। यह कृषि मुख्यतः विकासशील देशों के ग्रामीण क्षेत्रों में पाई जाती है।


6. वाणिज्यिक कृषि क्या है?

वाणिज्यिक कृषि वह कृषि प्रणाली है जिसमें फसलों का उत्पादन बाजार में बिक्री और लाभ के लिए किया जाता है। इसमें आधुनिक तकनीक, उर्वरक, सिंचाई और मशीनों का उपयोग होता है। इसका उद्देश्य अधिक उत्पादन और अधिक लाभ कमाना होता है। इस कृषि में गेहूं, चावल, कपास और गन्ना जैसी नकदी फसलें उगाई जाती हैं। यह बड़े पैमाने पर की जाती है और इसमें श्रमिकों की आवश्यकता होती है। यह कृषि विकसित देशों और कृषि-उन्नत क्षेत्रों में अधिक पाई जाती है।


7. झूम कृषि क्या है?

झूम कृषि एक प्रकार की स्थानांतरित या शिफ्टिंग खेती है। इसमें किसान जंगल के एक हिस्से को साफ करके खेती करते हैं और कुछ वर्षों बाद उस स्थान को छोड़कर नए क्षेत्र में चले जाते हैं। यह कृषि प्राकृतिक उर्वरता पर निर्भर करती है। इसमें रासायनिक उर्वरकों का उपयोग नहीं होता। यह कृषि मुख्यतः पूर्वोत्तर भारत, अमेज़न और अफ्रीका के कुछ भागों में पाई जाती है। इसे पर्यावरण के लिए हानिकारक माना जाता है क्योंकि इससे वनों की कटाई होती है।


8. मत्स्य पालन क्या है?

मत्स्य पालन एक प्राथमिक क्रिया है जिसमें मछलियों और अन्य जलीय जीवों का पालन और पकड़ किया जाता है। यह समुद्री और मीठे पानी दोनों में किया जाता है। यह लोगों को प्रोटीनयुक्त भोजन और रोजगार प्रदान करता है। यह गतिविधि तटीय क्षेत्रों में अधिक विकसित है। आधुनिक तकनीक जैसे ट्रॉलर और जाल का उपयोग उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है। जापान, चीन और भारत जैसे देशों में मत्स्य पालन एक महत्वपूर्ण आर्थिक गतिविधि है।


9. वानिकी का क्या महत्व है?

वानिकी में वनों का संरक्षण और उनका उपयोग शामिल है। इससे लकड़ी, गोंद, रबर और औषधीय पौधे प्राप्त होते हैं। यह पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। वनों से जैव विविधता सुरक्षित रहती है और जलवायु नियंत्रित होती है। वानिकी आर्थिक और पर्यावरणीय दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह रोजगार भी प्रदान करती है। असंतुलित वनों की कटाई से पर्यावरणीय समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।


10. खनन क्या है?

खनन वह प्रक्रिया है जिसमें पृथ्वी से खनिज और प्राकृतिक संसाधन निकाले जाते हैं। इसमें कोयला, लोहा, तांबा, पेट्रोलियम आदि शामिल हैं। यह औद्योगिक विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। खनन दो प्रकार का होता है—सतही और भूमिगत खनन। यह गतिविधि जोखिमपूर्ण होती है और पर्यावरण को प्रभावित कर सकती है। खनन विश्व की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है।


11. प्राथमिक क्रियाओं का आर्थिक महत्व क्या है?

प्राथमिक क्रियाएँ अर्थव्यवस्था की नींव हैं। ये कच्चा माल प्रदान करती हैं जो उद्योगों के लिए आवश्यक होता है। कृषि और खनन जैसे क्षेत्र रोजगार उत्पन्न करते हैं। ये खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और निर्यात में योगदान देते हैं। कई देशों की अर्थव्यवस्था मुख्यतः प्राथमिक क्रियाओं पर आधारित होती है। इससे ग्रामीण विकास भी संभव होता है। इसलिए इनका आर्थिक महत्व बहुत अधिक है।


12. प्राथमिक क्रियाओं पर निर्भरता किन कारकों पर निर्भर करती है?

प्राथमिक क्रियाएँ कई भौतिक और मानवीय कारकों पर निर्भर करती हैं। इनमें जलवायु, मृदा, जल संसाधन और भू-आकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा तकनीक, जनसंख्या और आर्थिक विकास भी प्रभावित करते हैं। उपजाऊ भूमि कृषि को बढ़ावा देती है जबकि कठोर जलवायु में शिकार और पशुपालन अधिक होता है। आधुनिक तकनीक से उत्पादन बढ़ता है। इसलिए विभिन्न क्षेत्रों में प्राथमिक क्रियाओं का स्वरूप अलग होता है।


13. रेड कॉलर श्रमिक कौन होते हैं?

रेड कॉलर श्रमिक वे लोग होते हैं जो प्राथमिक क्रियाओं में कार्य करते हैं। ये लोग खेतों, खानों, जंगलों और समुद्र में काम करते हैं। इनका कार्य प्रकृति पर सीधे निर्भर होता है। इन्हें यह नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि ये खुले वातावरण में कार्य करते हैं और धूल-मिट्टी से जुड़े रहते हैं। ये श्रमिक अर्थव्यवस्था की नींव माने जाते हैं। इनकी आय और जीवन स्तर क्षेत्रीय परिस्थितियों पर निर्भर करता है।


14. शिकार में कमी क्यों आई है?

शिकार में कमी का मुख्य कारण पर्यावरण संरक्षण कानून और वन्यजीव संरक्षण है। अत्यधिक शिकार के कारण कई जीव विलुप्त हो गए हैं। तकनीक के विकास से पारंपरिक शिकार कम हो गया है। सरकारें वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रतिबंध लगाती हैं। इसके अलावा जागरूकता बढ़ने से भी शिकार में कमी आई है। अब शिकार केवल सीमित क्षेत्रों में ही किया जाता है।


15. संग्रहण गतिविधि कहाँ पाई जाती है?

संग्रहण गतिविधि मुख्यतः उन क्षेत्रों में पाई जाती है जहाँ जलवायु कठोर होती है। इसमें अमेज़न बेसिन, कांगो बेसिन, आर्कटिक क्षेत्र और दक्षिण-पूर्व एशिया शामिल हैं। यहाँ लोग जंगली पौधों, फल, जड़ें और औषधीय पौधे एकत्र करते हैं। यह गतिविधि कम तकनीक और कम पूंजी पर आधारित होती है। यह आदिम और पिछड़े क्षेत्रों की विशेषता है। इससे सीमित आय प्राप्त होती है।


16. कृषि और पशुपालन में अंतर बताइए।

कृषि में फसलों की खेती की जाती है जबकि पशुपालन में पशुओं का पालन किया जाता है। कृषि का उद्देश्य खाद्यान्न और कच्चा माल प्राप्त करना है, जबकि पशुपालन से दूध, मांस और ऊन प्राप्त होता है। कृषि भूमि पर आधारित होती है, जबकि पशुपालन चरागाहों पर निर्भर होता है। दोनों ही प्राथमिक क्रियाएँ हैं। दोनों ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाते हैं।


17. वाणिज्यिक पशुपालन क्या है?

वाणिज्यिक पशुपालन बड़े पैमाने पर पशुओं का पालन है जिसका उद्देश्य बाजार में बिक्री करना होता है। इसमें आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक तरीकों का उपयोग किया जाता है। यह गतिविधि विकसित देशों में अधिक पाई जाती है। इसमें मांस, दूध और ऊन का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जाता है। यह कृषि आधारित उद्योगों को भी समर्थन देता है।


18. प्राथमिक क्रियाएँ पर्यावरण पर कैसे निर्भर करती हैं?

प्राथमिक क्रियाएँ पूरी तरह पर्यावरण पर निर्भर होती हैं। जलवायु, मृदा, वन और जल संसाधन इनके स्वरूप को निर्धारित करते हैं। अनुकूल पर्यावरण में कृषि और वानिकी विकसित होती हैं। कठोर पर्यावरण में शिकार और संग्रहण अधिक होता है। इसलिए मानव गतिविधियाँ प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं।


19. मत्स्य पालन के प्रकार बताइए।

मत्स्य पालन दो प्रकार का होता है—अंतर्देशीय और समुद्री मत्स्य पालन। अंतर्देशीय मत्स्य पालन नदियों, झीलों और तालाबों में किया जाता है। समुद्री मत्स्य पालन महासागरों में किया जाता है। आधुनिक तकनीक से उत्पादन बढ़ाया जाता है। यह लोगों को रोजगार और पोषण प्रदान करता है।


20. प्राथमिक क्रियाओं की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।

प्राथमिक क्रियाएँ प्रकृति पर आधारित होती हैं। इनमें कच्चे माल का उत्पादन होता है। ये ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक पाई जाती हैं। इनमें कम तकनीक और अधिक श्रम का उपयोग होता है। ये आर्थिक विकास की शुरुआत हैं। ये खाद्य और संसाधन सुरक्षा प्रदान करती हैं। ये मानव जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।