यहाँ CBSE Class 12 Chemistry (Biomolecules – Chapter 11) के लिए 20 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर दिए गए हैं, जो 2026–27 सिलेबस के अनुसार परीक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी हैं।


1. कार्बोहाइड्रेट क्या होते हैं?

कार्बोहाइड्रेट वे जैव-अणु हैं जो C, H और O से बने होते हैं तथा जिनका सामान्य सूत्र (CH₂O)ₙ होता है। इन्हें पॉलीहाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन कहा जाता है। ये ऊर्जा का मुख्य स्रोत होते हैं। जैसे– ग्लूकोज, फ्रक्टोज, सुक्रोज आदि। ये मोनोसैकेराइड, डाइसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड में विभाजित होते हैं। मोनोसैकेराइड सबसे सरल इकाई होती है जबकि पॉलीसैकेराइड जैसे स्टार्च ऊर्जा भंडारण का कार्य करते हैं। कार्बोहाइड्रेट पौधों और जन्तुओं दोनों में पाए जाते हैं और जीवन के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।


2. मोनोसैकेराइड और डाइसैकेराइड में अंतर बताइए।

मोनोसैकेराइड वे शर्कराएँ हैं जो जल अपघटन पर और सरल नहीं होतीं, जैसे ग्लूकोज और फ्रक्टोज। डाइसैकेराइड दो मोनोसैकेराइड इकाइयों के संयोजन से बनते हैं, जैसे सुक्रोज और माल्टोज। इनमें ग्लाइकोसिडिक बंध पाया जाता है। मोनोसैकेराइड छोटे और घुलनशील होते हैं जबकि डाइसैकेराइड अपेक्षाकृत बड़े होते हैं। मोनोसैकेराइड सीधे ऊर्जा प्रदान करते हैं जबकि डाइसैकेराइड पहले अपघटित होकर मोनोसैकेराइड बनते हैं। दोनों का शरीर में ऊर्जा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान होता है।


3. ग्लाइकोसिडिक बंध क्या है?

ग्लाइकोसिडिक बंध वह सहसंयोजक बंध है जो दो मोनोसैकेराइड इकाइयों को जोड़ता है। यह जल के अणु के निष्कासन द्वारा बनता है। उदाहरण के लिए माल्टोज में दो ग्लूकोज इकाइयाँ α-1,4 ग्लाइकोसिडिक बंध से जुड़ी होती हैं। यह बंध कार्बोहाइड्रेट के जटिल रूपों जैसे डाइसैकेराइड और पॉलीसैकेराइड के निर्माण में महत्वपूर्ण है। यह बंध कार्बोहाइड्रेट की संरचना और कार्य को निर्धारित करता है।


4. ग्लूकोज की चक्रीय संरचना क्या है?

ग्लूकोज एक मोनोसैकेराइड है जिसका आणविक सूत्र C₆H₁₂O₆ है। यह जलीय विलयन में चक्रीय हेमीऐसीटल संरचना बनाता है। इसमें पाँच सदस्यीय या छह सदस्यीय रिंग (पाइरानोज रूप) बनती है। यह संरचना ग्लूकोज को अधिक स्थिर बनाती है। चक्रीय रूप में C1 पर एनॉमेरिक कार्बन बनता है जो α और β रूप प्रदर्शित करता है। यह संरचना ग्लूकोज की रासायनिक क्रियाशीलता को प्रभावित करती है।


5. ग्लूकोज को रिड्यूसिंग शुगर क्यों कहा जाता है?

ग्लूकोज एक रिड्यूसिंग शुगर है क्योंकि इसमें स्वतंत्र ऐल्डिहाइड समूह होता है जो ऑक्सीकरण कर सकता है। यह टोलेंस और फेलिंग अभिकर्मकों को अपचयित करता है। जलीय विलयन में ग्लूकोज खुली श्रृंखला रूप में आकर -CHO समूह दिखाता है। इसलिए यह इलेक्ट्रॉन दान करके अन्य यौगिकों को अपचयित करता है। यह गुण सभी मोनोसैकेराइड्स में पाया जाता है जिनमें मुक्त कार्बोनिल समूह होता है।


6. स्टार्च और सेलुलोज में अंतर बताइए।

स्टार्च और सेलुलोज दोनों पॉलीसैकेराइड हैं लेकिन उनकी संरचना अलग होती है। स्टार्च α-ग्लूकोज से बना होता है और ऊर्जा भंडारण करता है। सेलुलोज β-ग्लूकोज से बना होता है और पौधों की कोशिका भित्ति बनाता है। स्टार्च पचने योग्य होता है जबकि सेलुलोज मनुष्यों में अपचनीय होता है। स्टार्च में α-1,4 बंध होता है जबकि सेलुलोज में β-1,4 बंध होता है।


7. प्रोटीन क्या होते हैं?

प्रोटीन अमीनो अम्लों से बने उच्च आणविक भार वाले जैव-अणु हैं। ये पेप्टाइड बंध द्वारा जुड़े होते हैं। प्रोटीन शरीर में संरचनात्मक और क्रियात्मक दोनों कार्य करते हैं। उदाहरण– एंजाइम, हीमोग्लोबिन, केराटिन आदि। प्रोटीन की संरचना प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक और चतुर्थक होती है। ये शरीर की वृद्धि और मरम्मत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


8. अमीनो अम्ल का ज्विटर आयन रूप क्या है?

अमीनो अम्ल में –NH₂ और –COOH दोनों समूह होते हैं। जलीय विलयन में यह दोनों समूह आयनित होकर NH₃⁺–CHR–COO⁻ रूप बनाते हैं, जिसे ज्विटर आयन कहते हैं। यह रूप अमीनो अम्ल को उभयधर्मी (amphoteric) बनाता है। इसी कारण ये अम्ल और क्षार दोनों से अभिक्रिया करते हैं। यह गुण अमीनो अम्ल के उच्च गलनांक और घुलनशीलता को भी समझाता है।


9. आवश्यक और अनावश्यक अमीनो अम्ल क्या हैं?

आवश्यक अमीनो अम्ल वे हैं जिन्हें शरीर स्वयं नहीं बना सकता, इसलिए इन्हें आहार से लेना पड़ता है, जैसे वैलीन और ल्यूसीन। अनावश्यक अमीनो अम्ल शरीर में संश्लेषित हो सकते हैं, जैसे ग्लाइसिन और ऐलानिन। दोनों प्रकार के अमीनो अम्ल शरीर में प्रोटीन निर्माण के लिए आवश्यक हैं।


10. एंजाइम क्या होते हैं?

एंजाइम जैविक उत्प्रेरक (biological catalysts) होते हैं जो शरीर में रासायनिक अभिक्रियाओं की गति बढ़ाते हैं। ये प्रोटीन प्रकृति के होते हैं और अत्यंत विशिष्ट होते हैं। उदाहरण– एमाइलेज, लाइपेज आदि। एंजाइम pH और तापमान से प्रभावित होते हैं और उच्च ताप पर विकृत (denature) हो सकते हैं।


11. DNA और RNA में अंतर बताइए।

DNA में डिऑक्सीराइबोज शर्करा होती है जबकि RNA में राइबोज होती है। DNA में थाइमिन पाया जाता है जबकि RNA में यूरैसिल होता है। DNA आनुवंशिक सूचना संग्रह करता है जबकि RNA प्रोटीन संश्लेषण में मदद करता है। DNA द्वि-श्रृंखला होता है जबकि RNA एकल-श्रृंखला होता है।


12. न्यूक्लियोटाइड क्या है?

न्यूक्लियोटाइड DNA और RNA की मूल इकाई है। यह तीन भागों से बना होता है: नाइट्रोजनी बेस, पेंटोज शर्करा और फॉस्फेट समूह। न्यूक्लियोटाइड आपस में फॉस्फोडाइएस्टर बंध द्वारा जुड़कर न्यूक्लिक अम्ल बनाते हैं। यह आनुवंशिक जानकारी का वाहक होता है।


13. विटामिन क्या हैं?

विटामिन ऐसे कार्बनिक यौगिक हैं जो शरीर के सामान्य कार्य के लिए आवश्यक होते हैं लेकिन शरीर इन्हें कम मात्रा में उपयोग करता है। ये दो प्रकार के होते हैं: जल में घुलनशील (B, C) और वसा में घुलनशील (A, D, E, K)। इनकी कमी से विभिन्न रोग होते हैं।


14. हॉर्मोन क्या होते हैं?

हॉर्मोन अंतःस्रावी ग्रंथियों द्वारा स्रावित रासायनिक संदेशवाहक होते हैं। ये शरीर के विभिन्न कार्यों को नियंत्रित करते हैं। उदाहरण– इंसुलिन रक्त शर्करा नियंत्रित करता है। हॉर्मोन बहुत कम मात्रा में कार्य करते हैं लेकिन अत्यंत प्रभावी होते हैं।


15. पॉलीसैकेराइड क्या हैं?

पॉलीसैकेराइड जटिल कार्बोहाइड्रेट हैं जो अनेक मोनोसैकेराइड इकाइयों से बने होते हैं। उदाहरण– स्टार्च, सेलुलोज, ग्लाइकोजन। ये ऊर्जा भंडारण और संरचनात्मक कार्य करते हैं। ये जल में कम घुलनशील होते हैं।


16. प्रोटीन की विकृतीकरण (Denaturation) क्या है?

जब प्रोटीन का प्राकृतिक आकार टूट जाता है और उसकी जैविक सक्रियता समाप्त हो जाती है, उसे विकृतीकरण कहते हैं। यह तापमान या pH परिवर्तन से होता है। उदाहरण– दूध का फटना।


17. ग्लाइकोजन क्या है?

ग्लाइकोजन पशुओं में पाया जाने वाला ऊर्जा भंडारण पॉलीसैकेराइड है। यह यकृत और मांसपेशियों में संग्रहित होता है। यह α-ग्लूकोज इकाइयों से बना होता है।


18. ग्लूकोज और फ्रक्टोज में अंतर बताइए।

ग्लूकोज ऐल्डोहेक्सोज है जबकि फ्रक्टोज कीटोहेक्सोज है। दोनों का सूत्र समान C₆H₁₂O₆ है लेकिन संरचना अलग होती है। ग्लूकोज अधिक स्थिर होता है।


19. लिपिड क्या हैं?

लिपिड वसा और तेल जैसे जल में अघुलनशील जैव-अणु हैं। ये ऊर्जा भंडारण और कोशिका झिल्ली निर्माण में सहायक होते हैं।


20. जैव-अणुओं का महत्व बताइए।

जैव-अणु जीवन के लिए आवश्यक हैं। ये ऊर्जा, संरचना, आनुवंशिक जानकारी और चयापचय क्रियाओं में भूमिका निभाते हैं। कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, लिपिड और न्यूक्लिक अम्ल सभी महत्वपूर्ण जैव-अणु हैं।