नीचे CBSE Class 12 Chemistry (2026–27 syllabus) के अनुसार अध्याय 9: ऐल्डिहाइड, कीटोन एवं कार्बोक्सिलिक अम्ल से 20 महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर, परीक्षा के दृष्टिकोण से तैयार किए गए हैं।
1. ऐल्डिहाइड और कीटोन में अंतर बताइए।
ऐल्डिहाइड में कार्बोनिल समूह (-CHO) श्रृंखला के अंत में होता है, जबकि कीटोन में यह बीच में (-CO-) होता है। ऐल्डिहाइड में कम एक कार्बन समूह जुड़ा होता है इसलिए यह अधिक क्रियाशील होता है। ऐल्डिहाइड आसानी से ऑक्सीकरण होकर कार्बोक्सिलिक अम्ल बनाते हैं, जबकि कीटोन कठिनाई से ऑक्सीकरण होते हैं। ऐल्डिहाइड टोलेंस और फेहलिंग विलयन को अपचयित करते हैं, परंतु अधिकांश कीटोन नहीं करते।
2. टोलेंस परीक्षण क्या है?
टोलेंस परीक्षण ऐल्डिहाइड की पहचान के लिए प्रयोग होता है। इसमें अमोनियाकल सिल्वर नाइट्रेट [Ag(NH₃)₂]⁺ का उपयोग किया जाता है। ऐल्डिहाइड इस अभिकर्मक को अपचयित कर चांदी का चमकदार दर्पण बनाते हैं। कीटोन यह परीक्षण नहीं देते। यह परीक्षण ऑक्सीकरण-अपचयन पर आधारित है और ऐल्डिहाइड की उपस्थिति की पुष्टि करता है।
3. फेहलिंग विलयन परीक्षण समझाइए।
फेहलिंग विलयन में कॉपर(II) आयन होते हैं जो ऐल्डिहाइड के साथ गरम करने पर Cu₂O का लाल अवक्षेप बनाते हैं। यह परीक्षण अलिफैटिक ऐल्डिहाइड के लिए उपयोगी है। कीटोन यह प्रतिक्रिया नहीं देते। यह एक विशिष्ट रेडॉक्स अभिक्रिया है जिसमें ऐल्डिहाइड ऑक्सीकृत होकर अम्ल बनता है।
4. अल्डोल संघनन क्या है?
जब दो ऐल्डिहाइड या कीटोन जिनमें α-हाइड्रोजन होता है, NaOH की उपस्थिति में अभिक्रिया करते हैं, तो β-हाइड्रॉक्सी ऐल्डिहाइड या कीटोन बनता है, जिसे अल्डोल कहते हैं। गर्म करने पर यह जल छोड़कर असंतृप्त यौगिक बनाता है। यह कार्बन–कार्बन बंध निर्माण की महत्वपूर्ण अभिक्रिया है।
5. कन्निज़ारो अभिक्रिया क्या है?
जिन ऐल्डिहाइड में α-हाइड्रोजन नहीं होता, वे सान्द्र क्षार के साथ स्व-ऑक्सीकरण और अपचयन करते हैं। इसमें एक अणु अल्कोहल और दूसरा कार्बोक्सिलेट नमक बनाता है। उदाहरण: फॉर्मेल्डिहाइड। यह एक असमानुपातन (disproportionation) अभिक्रिया है।
6. कार्बोक्सिलिक अम्ल की अम्लीयता क्यों अधिक होती है?
कार्बोक्सिलिक अम्ल में -COOH समूह इलेक्ट्रॉन खींचने वाला होता है। डीकॉन्जुगेशन के कारण कार्बोक्सिलेट आयन स्थिर होता है। इसी कारण यह अल्कोहल और फिनॉल की तुलना में अधिक अम्लीय होता है। रेजोनेंस स्थिरीकरण अम्लीयता को बढ़ाता है।
7. एस्टरीकरण अभिक्रिया समझाइए।
कार्बोक्सिलिक अम्ल और अल्कोहल की अभिक्रिया H₂SO₄ की उपस्थिति में एस्टर बनाती है। यह एक संतुलन अभिक्रिया है। जल हटाने पर एस्टर निर्माण बढ़ता है। यह सुगंधित यौगिकों के निर्माण में उपयोगी है।
8. हाइड्रोजन साइनाइड का योग (HCN addition) क्या है?
ऐल्डिहाइड और कीटोन HCN के साथ अभिक्रिया कर सायनोहाइड्रिन बनाते हैं। इसमें CN⁻ न्यूक्लियोफाइल के रूप में जुड़ता है। यह अभिक्रिया कार्बन-कार्बन बंध बढ़ाने में उपयोगी है।
9. क्लेमेंसन अपचयन क्या है?
इस अभिक्रिया में ऐल्डिहाइड या कीटोन को Zn-Hg और HCl के साथ अपचयित कर अल्केन में बदला जाता है। यह अम्लीय माध्यम में होता है। यह कार्बोनिल समूह को -CH₂- में बदल देता है।
10. वोल्फ-किश्नर अपचयन क्या है?
इसमें हाइड्राजीन और KOH के साथ गर्म करने पर ऐल्डिहाइड/कीटोन अल्केन में बदल जाते हैं। यह क्षारीय माध्यम में होता है। यह क्लेमेंसन अपचयन का विकल्प है।
11. HVZ अभिक्रिया क्या है?
कार्बोक्सिलिक अम्ल में α-हाइड्रोजन का हैलोजन (Cl/Br) द्वारा प्रतिस्थापन HVZ अभिक्रिया कहलाती है। यह PBr₃ की उपस्थिति में होती है। यह α-हैलो अम्ल बनाती है।
12. बेन्ज़ोइक अम्ल की संरचना क्या है?
बेन्ज़ोइक अम्ल में -COOH समूह बेंजीन रिंग से जुड़ा होता है। यह एक सुगंधित कार्बोक्सिलिक अम्ल है। यह इलेक्ट्रॉन खींचने वाला प्रभाव दिखाता है।
13. कीटोन का Iodoform परीक्षण क्या है?
मिथाइल कीटोन I₂ और NaOH के साथ पीला अवक्षेप (CHI₃) बनाते हैं। यह परीक्षण CH₃CO- समूह की पहचान के लिए प्रयोग होता है।
14. ऐल्डिहाइड की पुनरावृत्ति क्षमता क्यों अधिक होती है?
ऐल्डिहाइड में एक ही अल्किल समूह होता है, जिससे +I प्रभाव कम होता है। इसलिए कार्बोनिल कार्बन अधिक इलेक्ट्रोफिलिक होता है। यह अधिक अभिक्रियाशील बनाता है।
15. कार्बोक्सिलिक अम्ल से अमाइड कैसे बनता है?
कार्बोक्सिलिक अम्ल को NH₃ या अमोनिया डेरिवेटिव के साथ गर्म करने पर अमाइड बनता है। यह निर्जलीकरण प्रक्रिया है।
16. एसीटिक अम्ल की संरचना लिखिए।
एसीटिक अम्ल CH₃COOH होता है। इसमें एक मिथाइल समूह और कार्बोक्सिल समूह होता है। यह कमजोर अम्ल है।
17. ऑक्सिम क्या है?
ऐल्डिहाइड या कीटोन हाइड्रॉक्सिलामीन (NH₂OH) से अभिक्रिया कर ऑक्सिम बनाते हैं। यह पहचान अभिक्रिया के रूप में प्रयोग होता है।
18. बेन्ज़ैल्डिहाइड टोलेंस परीक्षण क्यों देता है?
बेन्ज़ैल्डिहाइड में -CHO समूह होता है जो आसानी से ऑक्सीकरण होता है। यह Ag⁺ को Ag में बदल देता है।
19. कीटोन का ऑक्सीकरण कठिन क्यों होता है?
कीटोन में दो अल्किल समूह होते हैं जो +I प्रभाव देते हैं और कार्बोनिल कार्बन को स्थिर बनाते हैं। इसलिए ऑक्सीकरण कठिन होता है।
20. कार्बोक्सिलिक अम्ल की संरचना समझाइए।
इसमें -COOH समूह होता है जिसमें C=O और OH जुड़ा होता है। यह रेजोनेंस द्वारा स्थिर होता है और हाइड्रोजन बॉन्डिंग भी करता है।
