CBSE कक्षा 12 जीवविज्ञान (2026-27)
अध्याय 7 : मानव स्वास्थ्य एवं रोग (Human Health and Disease)
20 महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर
यह अध्याय मानव रोगों, प्रतिरक्षा, एड्स, कैंसर तथा मादक द्रव्यों के दुरुपयोग से संबंधित है। CBSE 2026-27 पाठ्यक्रम में यह अध्याय अत्यंत महत्वपूर्ण है।
1. स्वास्थ्य (Health) की परिभाषा क्या है? अच्छे स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले कारकों का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार स्वास्थ्य केवल रोगों की अनुपस्थिति नहीं, बल्कि शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक कल्याण की पूर्ण अवस्था है। अच्छे स्वास्थ्य को अनेक कारक प्रभावित करते हैं। संतुलित आहार, स्वच्छ पेयजल, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद तथा व्यक्तिगत स्वच्छता स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। इसके अतिरिक्त सामाजिक वातावरण, आर्थिक स्थिति एवं मानसिक तनाव भी स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। आनुवंशिक कारक तथा रोगजनक जीवों की उपस्थिति भी व्यक्ति के स्वास्थ्य पर प्रभाव डालती है। स्वस्थ व्यक्ति में कार्यक्षमता अधिक होती है तथा उसकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बेहतर रहती है।
2. संक्रामक एवं असंक्रामक रोगों में अंतर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
संक्रामक रोग वे रोग हैं जो रोगजनक जीवों जैसे जीवाणु, विषाणु, कवक या प्रोटोजोआ के कारण उत्पन्न होते हैं और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल सकते हैं। उदाहरण—टाइफाइड, मलेरिया तथा निमोनिया। दूसरी ओर, असंक्रामक रोग एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलते। इनके कारण आनुवंशिक दोष, जीवनशैली, पर्यावरणीय कारक या कोशिकीय असामान्यताएँ हो सकती हैं। उदाहरण—कैंसर, मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप। संक्रामक रोगों की रोकथाम स्वच्छता एवं टीकाकरण द्वारा की जाती है, जबकि असंक्रामक रोगों के लिए स्वस्थ जीवनशैली महत्वपूर्ण होती है।
3. अमीबायसिस क्या है? इसके लक्षण एवं संचरण का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
अमीबायसिस एक प्रोटोजोआ जनित रोग है, जिसका कारक Entamoeba histolytica है। यह रोग मुख्यतः दूषित भोजन और पानी के माध्यम से फैलता है। मक्खियाँ रोगजनक को भोजन तक पहुँचाने में सहायता करती हैं। रोगी में कब्ज, पेट दर्द, ऐंठन तथा मल में श्लेष्मा एवं रक्त आने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। यह रोग आंतों को प्रभावित करता है और गंभीर स्थिति में अल्सर उत्पन्न कर सकता है। इसकी रोकथाम के लिए स्वच्छ जल का उपयोग, भोजन को ढककर रखना तथा व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है।
4. मलेरिया रोग का कारण एवं जीवन चक्र संक्षेप में लिखिए।
उत्तर:
मलेरिया Plasmodium नामक प्रोटोजोआ द्वारा होता है, जो मादा Anopheles मच्छर के काटने से मनुष्य में प्रवेश करता है। मच्छर रोग का वाहक (Vector) है। परजीवी पहले यकृत कोशिकाओं में पहुँचकर वृद्धि करता है और बाद में लाल रक्त कणिकाओं में प्रवेश कर उन्हें नष्ट करता है। इसके कारण रोगी को बार-बार तेज बुखार, ठंड लगना तथा पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करना, मच्छरदानी का उपयोग तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखना इसकी रोकथाम के प्रमुख उपाय हैं।
5. टाइफाइड रोग का कारक एवं निदान बताइए।
उत्तर:
टाइफाइड एक जीवाणुजनित रोग है जिसका कारक Salmonella typhi है। यह दूषित भोजन एवं पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। रोगी में लगातार तेज बुखार, कमजोरी, पेट दर्द, कब्ज तथा सिरदर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। रोग के निदान के लिए विडाल परीक्षण (Widal Test) किया जाता है, जिसमें रक्त में विशिष्ट प्रतिरक्षियों की उपस्थिति जाँची जाती है। उचित स्वच्छता, शुद्ध पेयजल तथा टीकाकरण द्वारा इस रोग की रोकथाम की जा सकती है। समय पर उपचार न मिलने पर यह रोग गंभीर रूप धारण कर सकता है।
6. जन्मजात (Innate) प्रतिरक्षा क्या है?
उत्तर:
जन्मजात प्रतिरक्षा वह प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली है जो जन्म से ही शरीर में उपस्थित रहती है। यह रोगजनकों के विरुद्ध पहली रक्षा पंक्ति का कार्य करती है तथा किसी विशेष रोगजनक के प्रति विशिष्ट नहीं होती। इसमें चार प्रकार की बाधाएँ शामिल हैं—भौतिक बाधाएँ (त्वचा), शारीरिक बाधाएँ (आँसुओं में लाइसोजाइम), कोशिकीय बाधाएँ (श्वेत रक्त कणिकाएँ) तथा साइटोकाइन बाधाएँ (इंटरफेरॉन)। यह प्रतिरक्षा रोगजनकों को शरीर में प्रवेश करने या वृद्धि करने से रोकती है। जन्मजात प्रतिरक्षा त्वरित प्रतिक्रिया प्रदान करती है और शरीर की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
7. अर्जित प्रतिरक्षा (Acquired Immunity) क्या है?
उत्तर:
अर्जित प्रतिरक्षा वह प्रतिरक्षा है जो जीवनकाल में किसी रोगजनक के संपर्क या टीकाकरण के बाद विकसित होती है। यह विशिष्ट तथा स्मृति-आधारित होती है। इसमें B-लिम्फोसाइट एवं T-लिम्फोसाइट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। जब कोई रोगजनक पहली बार शरीर में प्रवेश करता है तो प्राथमिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न होती है। पुनः उसी रोगजनक के प्रवेश पर द्वितीयक प्रतिक्रिया अधिक तीव्र और प्रभावी होती है। यही प्रतिरक्षात्मक स्मृति कहलाती है। टीकाकरण इसी सिद्धांत पर आधारित है, जिससे व्यक्ति भविष्य में रोग से सुरक्षित रहता है।
8. प्रतिजन (Antigen) एवं प्रतिरक्षी (Antibody) में अंतर बताइए।
उत्तर:
प्रतिजन वह विदेशी पदार्थ है जो शरीर में प्रवेश करने पर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। यह जीवाणु, विषाणु या उनके विषाक्त पदार्थ हो सकते हैं। दूसरी ओर, प्रतिरक्षी प्रोटीन प्रकृति के अणु होते हैं जिन्हें B-लिम्फोसाइट्स द्वारा प्रतिजनों के विरुद्ध बनाया जाता है। प्रतिरक्षी प्रतिजन को पहचानकर निष्क्रिय या नष्ट करने में सहायता करते हैं। प्रतिजन प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय करता है, जबकि प्रतिरक्षी रक्षा कार्य करते हैं। दोनों मिलकर शरीर को संक्रमण से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
9. टीकाकरण (Vaccination) क्या है?
उत्तर:
टीकाकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें रोगजनक के मृत, कमजोर या उसके प्रतिजनयुक्त अंश को शरीर में प्रवेश कराया जाता है। इससे शरीर में प्रतिरक्षी तथा स्मृति कोशिकाएँ बनती हैं। भविष्य में वास्तविक रोगजनक के प्रवेश करने पर प्रतिरक्षा तंत्र शीघ्र प्रतिक्रिया देकर रोग को रोक देता है। टीकाकरण पोलियो, चेचक, हेपेटाइटिस-बी तथा टाइफाइड जैसे अनेक रोगों की रोकथाम में प्रभावी सिद्ध हुआ है। यह अर्जित प्रतिरक्षा का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है तथा सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी है।
10. एलर्जी क्या है?
उत्तर:
एलर्जी शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली द्वारा किसी सामान्य एवं हानिरहित पदार्थ के प्रति अत्यधिक प्रतिक्रिया है। धूल, परागकण, पशुओं के बाल, कुछ खाद्य पदार्थ तथा दवाएँ एलर्जी उत्पन्न कर सकते हैं। एलर्जी के दौरान मास्ट कोशिकाओं से हिस्टामीन नामक रसायन निकलता है, जिसके कारण छींक आना, आँखों में जलन, त्वचा पर चकत्ते तथा श्वसन में कठिनाई जैसे लक्षण उत्पन्न होते हैं। एलर्जी से बचने के लिए एलर्जन से दूरी बनाना तथा आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार लेना चाहिए।
11. एड्स (AIDS) क्या है?
उत्तर:
एड्स (Acquired Immuno Deficiency Syndrome) एक गंभीर रोग है जो HIV (Human Immunodeficiency Virus) द्वारा होता है। यह विषाणु शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली, विशेषकर सहायक T-लिम्फोसाइट्स को नष्ट करता है। परिणामस्वरूप रोगी की रोग-प्रतिरोधक क्षमता अत्यधिक कम हो जाती है। संक्रमित व्यक्ति साधारण संक्रमणों से भी गंभीर रूप से प्रभावित हो सकता है। एड्स का पूर्ण उपचार अभी उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसकी रोकथाम अत्यंत आवश्यक है। सुरक्षित व्यवहार, संक्रमित रक्त से बचाव तथा जागरूकता इसके नियंत्रण के प्रमुख उपाय हैं।
12. HIV के संचरण के प्रमुख मार्ग लिखिए।
उत्तर:
HIV मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति के रक्त, वीर्य, योनि स्राव तथा माता के दूध के माध्यम से फैलता है। असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित रक्त चढ़ाना, संक्रमित सुई या सिरिंज का उपयोग तथा संक्रमित माता से शिशु में संक्रमण इसके प्रमुख संचरण मार्ग हैं। यह रोग सामान्य संपर्क, हाथ मिलाने, भोजन साझा करने, छींकने या मच्छरों के काटने से नहीं फैलता। इसलिए समाज में एड्स रोगियों के प्रति भेदभाव नहीं होना चाहिए। उचित जागरूकता एवं सावधानी से HIV संक्रमण को काफी हद तक रोका जा सकता है।
13. कैंसर क्या है?
उत्तर:
कैंसर एक असंक्रामक रोग है जिसमें शरीर की कोशिकाएँ अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं। सामान्य कोशिकीय नियंत्रण तंत्र के विफल हो जाने से यह स्थिति उत्पन्न होती है। कैंसर कोशिकाएँ ट्यूमर बनाती हैं तथा रक्त या लसीका के माध्यम से शरीर के अन्य भागों में फैल सकती हैं। इस प्रक्रिया को मेटास्टेसिस कहते हैं। धूम्रपान, विकिरण, रसायन तथा कुछ विषाणु कैंसर के प्रमुख कारण हैं। कैंसर का शीघ्र निदान और उपचार रोग नियंत्रण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
14. सौम्य एवं घातक ट्यूमर में अंतर बताइए।
उत्तर:
सौम्य (Benign) ट्यूमर सीमित क्षेत्र में रहते हैं तथा शरीर के अन्य भागों में नहीं फैलते। इनकी वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी होती है और सामान्यतः जीवन के लिए कम खतरनाक होते हैं। इसके विपरीत, घातक (Malignant) ट्यूमर तेजी से बढ़ते हैं तथा रक्त या लसीका के माध्यम से अन्य अंगों में फैल सकते हैं। इस फैलाव को मेटास्टेसिस कहा जाता है। घातक ट्यूमर ही वास्तविक कैंसर कहलाते हैं। समय पर पहचान और उपचार न होने पर ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न कर सकते हैं।
15. कैंसर के उपचार की प्रमुख विधियाँ लिखिए।
उत्तर:
कैंसर के उपचार के लिए विभिन्न विधियाँ अपनाई जाती हैं। शल्य चिकित्सा (Surgery) द्वारा ट्यूमर को शरीर से हटाया जाता है। रेडियोथेरेपी में उच्च ऊर्जा विकिरणों का उपयोग कर कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है। कीमोथेरेपी में विशेष औषधियों द्वारा कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि रोकी जाती है। कुछ मामलों में इम्यूनोथेरेपी भी उपयोगी होती है, जिसमें रोगी की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जाता है। रोग की अवस्था और प्रकार के अनुसार चिकित्सक उपयुक्त उपचार का चयन करते हैं।
16. मादक द्रव्य (Drugs) क्या हैं?
उत्तर:
मादक द्रव्य वे पदार्थ हैं जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करते हैं तथा व्यक्ति के व्यवहार, सोच और भावनाओं में परिवर्तन उत्पन्न करते हैं। इनके लगातार उपयोग से लत लग सकती है। अफीम, हेरोइन, गांजा तथा कुछ कृत्रिम दवाएँ इसके उदाहरण हैं। इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है। इससे मानसिक तनाव, स्मरण शक्ति में कमी, सामाजिक समस्याएँ तथा शारीरिक रोग उत्पन्न हो सकते हैं। युवाओं को इन पदार्थों से दूर रहना चाहिए और स्वस्थ जीवनशैली अपनानी चाहिए।
17. किशोरावस्था में नशे की प्रवृत्ति के कारण लिखिए।
उत्तर:
किशोरावस्था में नशे की प्रवृत्ति कई कारणों से विकसित हो सकती है। साथियों का दबाव, जिज्ञासा, मानसिक तनाव, पारिवारिक समस्याएँ तथा गलत संगति इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ किशोर मनोरंजन या आधुनिकता दिखाने के लिए भी नशे का प्रयोग करते हैं। मीडिया और सामाजिक प्रभाव भी इसमें योगदान दे सकते हैं। नशे की आदत धीरे-धीरे व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और सामाजिक रूप से कमजोर बना देती है। उचित मार्गदर्शन, पारिवारिक सहयोग और जागरूकता द्वारा इस समस्या को रोका जा सकता है।
18. निमोनिया रोग का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
उत्तर:
निमोनिया एक जीवाणुजनित रोग है जो मुख्यतः Streptococcus pneumoniae तथा Haemophilus influenzae द्वारा होता है। इसमें फेफड़ों की वायुकोष्ठिकाएँ संक्रमित होकर तरल पदार्थ से भर जाती हैं। रोगी को तेज बुखार, खाँसी, छाती में दर्द तथा साँस लेने में कठिनाई होती है। यह रोग संक्रमित व्यक्ति की छींक या खाँसी से निकलने वाली बूंदों द्वारा फैल सकता है। उचित चिकित्सा, स्वच्छता तथा प्रतिरक्षण उपायों द्वारा इसकी रोकथाम संभव है। बच्चों और वृद्ध व्यक्तियों में यह रोग अधिक गंभीर हो सकता है।
19. प्रतिरक्षा तंत्र में B-लिम्फोसाइट्स की भूमिका बताइए।
उत्तर:
B-लिम्फोसाइट्स अर्जित प्रतिरक्षा के महत्वपूर्ण घटक हैं। ये प्रतिजन की पहचान करके विशिष्ट प्रतिरक्षियों (Antibodies) का निर्माण करते हैं। जब कोई रोगजनक शरीर में प्रवेश करता है, तब B-कोशिकाएँ सक्रिय होकर प्लाज्मा कोशिकाओं में परिवर्तित हो जाती हैं। ये बड़ी मात्रा में प्रतिरक्षी उत्पन्न करती हैं, जो रोगजनकों को निष्क्रिय करने में सहायता करते हैं। कुछ B-कोशिकाएँ स्मृति कोशिकाओं के रूप में सुरक्षित रहती हैं। यही स्मृति कोशिकाएँ भविष्य में उसी रोगजनक के पुनः प्रवेश पर तीव्र प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रदान करती हैं।
20. सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों का महत्व स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय समाज को संक्रामक रोगों से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था, उचित मल-निपटान, कचरा प्रबंधन, टीकाकरण कार्यक्रम तथा स्वास्थ्य शिक्षा इसके प्रमुख उदाहरण हैं। ये उपाय रोगजनकों के प्रसार को रोकते हैं और संक्रमण की संभावना को कम करते हैं। महामारी के समय जागरूकता अभियान और रोगियों का पृथक्करण भी महत्वपूर्ण होता है। सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों के माध्यम से समुदाय के स्वास्थ्य स्तर में सुधार होता है तथा रोगों की रोकथाम संभव होती है।
