नीचे CBSE कक्षा 12 भौतिकी
अध्याय 13: नाभिक (Nuclei)
20 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
हिंदी में दिए गए हैं (2026–27 सिलेबस के अनुसार):
Q1. नाभिकीय त्रिज्या (Nuclear Radius) क्या है?
उत्तर:
नाभिकीय त्रिज्या वह दूरी है जो नाभिक के केंद्र से उस सीमा तक मानी जाती है जहाँ तक नाभिकीय बल प्रभावी होता है। प्रयोगों से पाया गया है कि नाभिक का आकार द्रव्यमान संख्या (A) पर निर्भर करता है। इसका सूत्र है
( R = R_0 A^{1/3} ), जहाँ ( R_0 \approx 1.2 \times 10^{-15} , m ) होता है।
इससे पता चलता है कि जैसे-जैसे A बढ़ता है, नाभिक का आकार धीरे-धीरे बढ़ता है। इससे यह भी सिद्ध होता है कि सभी नाभिकों का घनत्व लगभग समान रहता है।
Q2. नाभिकीय घनत्व क्या है और यह स्थिर क्यों होता है?
उत्तर:
नाभिकीय घनत्व नाभिक के द्रव्यमान और आयतन का अनुपात होता है।
( \rho = \frac{m}{V} )
चूँकि द्रव्यमान ∝ A और आयतन ∝ A, इसलिए घनत्व A पर निर्भर नहीं करता। अतः यह सभी नाभिकों के लिए लगभग समान होता है और इसका मान लगभग ( 2.3 \times 10^{17} , kg/m^3 ) होता है। यह बहुत अधिक घनत्व दर्शाता है कि नाभिक अत्यधिक सघन (dense) होता है।
Q3. द्रव्यमान दोष (Mass Defect) क्या है?
उत्तर:
द्रव्यमान दोष वह अंतर है जो स्वतंत्र प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के कुल द्रव्यमान और नाभिक के वास्तविक द्रव्यमान के बीच होता है।
( \Delta m = Zm_p + (A-Z)m_n – M )
यह “लुप्त द्रव्यमान” ऊर्जा में बदल जाता है। यही ऊर्जा नाभिक को स्थिर बनाती है और इसे आइंस्टीन के समीकरण ( E = mc^2 ) से समझाया जाता है।
Q4. बंधन ऊर्जा (Binding Energy) क्या है?
उत्तर:
बंध ऊर्जा वह ऊर्जा है जो नाभिक को उसके सभी न्यूक्लियॉनों (प्रोटॉन और न्यूट्रॉन) में अलग करने के लिए आवश्यक होती है।
( BE = \Delta m c^2 )
यह नाभिक की स्थिरता को दर्शाती है। अधिक बंधन ऊर्जा वाला नाभिक अधिक स्थिर होता है। लोहे (Fe) का बंधन ऊर्जा सबसे अधिक होती है।
Q5. प्रति न्यूक्लियॉन बंधन ऊर्जा क्या है?
उत्तर:
यह एक न्यूक्लियॉन को नाभिक से अलग करने के लिए औसत ऊर्जा होती है।
( BE/A )
यह नाभिकीय स्थिरता का सबसे अच्छा माप है। जिसका मान जितना अधिक होगा, नाभिक उतना ही स्थिर होगा। लोहे के आसपास इसका मान अधिकतम होता है।
Q6. नाभिकीय बल के गुण लिखिए।
उत्तर:
नाभिकीय बल वह बल है जो प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को नाभिक में बांधे रखता है। इसके गुण:
- यह बहुत प्रबल होता है।
- यह बहुत अल्प दूरी (1–3 fm) तक कार्य करता है।
- यह आवेश-स्वतंत्र होता है।
- यह संतृप्ति गुण दिखाता है।
- यह आकर्षण और अत्यंत छोटी दूरी पर प्रतिकर्षण दोनों दिखाता है।
Q7. रेडियोधर्मिता क्या है?
उत्तर:
रेडियोधर्मिता वह प्रक्रिया है जिसमें अस्थिर नाभिक स्वतः α, β और γ किरणों का उत्सर्जन करता है। यह प्रक्रिया बाहरी परिस्थितियों से प्रभावित नहीं होती। इसका नियम है
( N = N_0 e^{-\lambda t} )।
यह प्रक्रिया स्वाभाविक और यादृच्छिक होती है।
Q8. अर्ध-आयु (Half-life) क्या है?
उत्तर:
किसी रेडियोधर्मी पदार्थ की वह समय अवधि जिसमें उसका आधा भाग क्षय हो जाता है, अर्ध-आयु कहलाती है।
( T_{1/2} = \frac{0.693}{\lambda} )
यह प्रत्येक पदार्थ के लिए निश्चित होती है।
Q9. माध्य आयु (Mean Life) क्या है?
उत्तर:
यह सभी नाभिकों के औसत जीवनकाल को दर्शाती है।
( \tau = \frac{1}{\lambda} )
यह अर्ध-आयु से थोड़ी अधिक होती है।
Q10. नाभिकीय विखंडन और संलयन में अंतर बताइए।
उत्तर:
विखंडन में भारी नाभिक टूटकर हल्के नाभिक बनाता है (जैसे यूरेनियम)। संलयन में हल्के नाभिक मिलकर भारी नाभिक बनाते हैं (जैसे सूर्य में)। विखंडन नियंत्रित रूप से होता है, जबकि संलयन बहुत उच्च ताप पर होता है। संलयन अधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है।
Q11. Q-मान (Q-value) क्या है?
उत्तर:
यह नाभिकीय अभिक्रिया में उत्पन्न या अवशोषित ऊर्जा है।
( Q = (m_i – m_f)c^2 )
Q धनात्मक होने पर ऊर्जा उत्पन्न होती है।
Q12. रेडियोधर्मी क्षय नियम लिखिए।
उत्तर:
क्षय दर नाभिकों की संख्या के समानुपाती होती है।
( \frac{dN}{dt} = -\lambda N )
इससे ( N = N_0 e^{-\lambda t} ) प्राप्त होता है।
Q13. सक्रियता (Activity) क्या है?
उत्तर:
किसी पदार्थ में प्रति सेकंड होने वाले क्षय की संख्या सक्रियता कहलाती है।
( A = \lambda N )
इकाई बेकेरेल होती है।
Q14. भारी जल (Heavy Water) का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर:
भारी जल न्यूट्रॉनों की गति को कम करता है बिना उन्हें अधिक अवशोषित किए। इसलिए यह परमाणु रिएक्टर में मॉडरेटर के रूप में उपयोग होता है।
Q15. नाभिकीय रिएक्टर क्या है?
उत्तर:
यह एक उपकरण है जिसमें नियंत्रित नाभिकीय विखंडन होता है। इसमें ईंधन, मॉडरेटर, नियंत्रण छड़ें और शीतलक होते हैं। इसका उपयोग विद्युत उत्पादन में होता है।
Q16. बंधन ऊर्जा वक्र क्या है?
उत्तर:
यह ग्राफ BE/A और A के बीच संबंध दिखाता है। यह लोहे के पास अधिकतम होता है। इससे फ्यूजन और फिशन समझाए जाते हैं।
Q17. समस्थानिक, समभारिक और समन्यूट्रॉनिक क्या हैं?
उत्तर:
समस्थानिकों में Z समान लेकिन A अलग होता है। समभारिकों में A समान लेकिन Z अलग होता है। समन्यूट्रॉनिक में न्यूट्रॉन संख्या समान होती है।
Q18. नाभिक स्थिर क्यों होता है?
उत्तर:
नाभिकीय बल प्रोटॉन और न्यूट्रॉन को बांधे रखता है। सही n/p अनुपात और अधिक बंधन ऊर्जा स्थिरता प्रदान करती है।
Q19. अल्फा क्षय क्या है?
उत्तर:
इसमें नाभिक α-कण उत्सर्जित करता है। इससे परमाणु क्रमांक 2 और द्रव्यमान 4 कम हो जाता है।
Q20. बीटा क्षय क्या है?
उत्तर:
इसमें न्यूट्रॉन प्रोटॉन में बदलता है या इसके विपरीत। इससे परमाणु क्रमांक बदलता है लेकिन द्रव्यमान संख्या स्थिर रहती है।
