Ch 2 . वैद्युत विभव तथा धारिता (Electrostatic Potential and Capacitance)

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स्थिर वैद्युतिकी में कुल ऊर्जा संग्रहित रहती है—

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किसी पृथक चालक की धारिता निर्भर करती है—

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वैद्युत विभव ऊर्जा का सूत्र है—

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यदि संधारित्र की दूरी आधी कर दी जाए तो धारिता—

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संधारित्र में संग्रहित ऊर्जा दोगुनी होगी यदि विभव—

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चालक के भीतर विभव—

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वैद्युत विभव का ढाल (gradient) दर्शाता है—

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किसी बिंदु पर विभव ज्ञात करने हेतु परीक्षण आवेश होना चाहिए—

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वैद्युत विभव ऊर्जा निर्भर करती है—

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यदि दो समान संधारित्र श्रेणी क्रम में जुड़े हों, तो तुल्य धारिता होगी—

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यदि दो समान संधारित्र समानांतर में जुड़े हों, तो तुल्य धारिता होगी—

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पृथ्वी का विभव माना जाता है—

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संधारित्र में आवेश संग्रहित होता है—

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फैराड बहुत बड़ा मात्रक है, इसलिए व्यवहार में प्रयुक्त होता है—

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संधारित्र में प्रयुक्त परावैद्युत पदार्थ का कार्य है—

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यदि Q बढ़े और V स्थिर रहे तो धारिता—

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विद्युत क्षेत्र की दिशा होती है—

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समविभव पृष्ठ पर किसी आवेश को ले जाने में किया गया कार्य—

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संधारित्र की प्लेटों के बीच विद्युत क्षेत्र होता है—

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यदि किसी संधारित्र में परावैद्युत पदार्थ भर दिया जाए तो उसकी धारिता—

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किसी चालक के भीतर विद्युत क्षेत्र होता है—

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वैद्युत विभव का विमीय सूत्र है—

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1 फैराड धारिता का अर्थ है—

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दो संधारित्र समानांतर क्रम में जुड़े हों तो दोनों पर विभवांतर—

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दो संधारित्र श्रेणी क्रम में जुड़े हों तो दोनों पर आवेश—

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समानांतर क्रम में जुड़े संधारित्रों की तुल्य धारिता—

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श्रेणी क्रम में जुड़े संधारित्रों की तुल्य धारिता—

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संधारित्र में ऊर्जा संग्रहित होती है—

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संधारित्र में ऊर्जा का सूत्र है—

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वायु का परावैद्युतांक लगभग होता है—

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परावैद्युतांक (Dielectric Constant) सदैव होता है—

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प्लेट क्षेत्रफल बढ़ाने पर धारिता—

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प्लेटों के बीच दूरी बढ़ाने पर धारिता—

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समानांतर प्लेट संधारित्र की धारिता का सूत्र है—

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समानांतर प्लेट संधारित्र की धारिता निर्भर करती है—

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धारिता का सूत्र है—

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धारिता का SI मात्रक है—

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संधारित्र का कार्य है—

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किसी चालक का संपूर्ण पृष्ठ होता है—

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विद्युत विभव ऊर्जा का SI मात्रक है—

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ऋणात्मक आवेश के निकट विभव होता है—

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धनात्मक आवेश के निकट विभव होता है—

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विद्युत क्षेत्र रेखाएँ समविभव पृष्ठ को किस कोण पर काटती हैं?

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समविभव पृष्ठ पर कार्य का मान होता है—

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यदि दूरी दोगुनी कर दी जाए तो विभव होगा—

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किसी बिंदु आवेश q के कारण r दूरी पर विभव होता है—

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वैद्युत विभव एक ______ राशि है।

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यदि किसी आवेश को अनंत से किसी बिंदु तक लाने में कार्य शून्य हो, तो उस बिंदु का विभव होगा—

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वैद्युत विभव को परिभाषित किया जाता है—

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किसी बिंदु पर वैद्युत विभव का SI मात्रक क्या है?

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