नीचे CBSE Class 12 Chemistry (Physical Chemistry)
Chapter 3: रासायनिक गतिकी (Chemical Kinetics)
2026–27 सत्र के लिए 20 महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर हिंदी में दिए गए हैं। ये उत्तर परीक्षा-उन्मुख और NCERT आधारित हैं।
1. अभिक्रिया की दर (Rate of Reaction) क्या है?
अभिक्रिया की दर वह माप है जिससे किसी रासायनिक अभिक्रिया में अभिकारकों की सांद्रता समय के साथ घटती है या उत्पादों की बढ़ती है। इसे mol L⁻¹ s⁻¹ में व्यक्त किया जाता है। दर अभिक्रिया की गति को दर्शाती है। इसे औसत दर और तात्कालिक दर के रूप में व्यक्त किया जाता है। तापमान, सांद्रता और उत्प्रेरक दर को प्रभावित करते हैं।
2. दर नियतांक (Rate Constant) की परिभाषा दीजिए।
दर नियतांक वह स्थिरांक है जो दर समीकरण में अभिकारकों की सांद्रता की इकाई घातों को हटाने पर प्राप्त होता है। यह तापमान पर निर्भर करता है लेकिन सांद्रता पर नहीं। प्रथम क्रम अभिक्रिया के लिए इसकी इकाई s⁻¹ होती है। यह अभिक्रिया की आंतरिक गति को दर्शाता है।
3. अभिक्रिया का क्रम (Order) क्या है?
अभिक्रिया का क्रम दर नियम में सभी अभिकारकों की सांद्रताओं के घातों का योग होता है। उदाहरण के लिए, Rate = k[A]¹[B]² में क्रम 3 होगा। यह प्रयोगात्मक रूप से निर्धारित किया जाता है। यह अभिक्रिया की गति को समझने में महत्वपूर्ण है।
4. आणविकता (Molecularity) और क्रम में अंतर बताइए।
आणविकता प्राथमिक अभिक्रिया में भाग लेने वाले अणुओं की संख्या है, जबकि क्रम प्रयोगात्मक मान है। आणविकता शून्य नहीं हो सकती, पर क्रम शून्य हो सकता है। आणविकता निश्चित होती है, जबकि क्रम भिन्न हो सकता है। जटिल अभिक्रियाओं में आणविकता लागू नहीं होती।
5. शून्य क्रम अभिक्रिया क्या होती है?
शून्य क्रम अभिक्रिया वह है जिसमें दर अभिकारक की सांद्रता पर निर्भर नहीं करती। Rate = k होता है। इसका उदाहरण गैसों का सतह पर अपघटन है। इसमें समय के साथ दर स्थिर रहती है। इसका ग्राफ सीधी रेखा होता है।
6. प्रथम क्रम अभिक्रिया का उदाहरण दीजिए।
प्रथम क्रम अभिक्रिया वह है जिसमें दर एक अभिकारक की सांद्रता पर निर्भर करती है। उदाहरण: N₂O₅ का अपघटन। इसका समीकरण Rate = k[A] होता है। इसका अर्ध-आयु (t½) प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर नहीं करता।
7. अर्ध-आयु (Half-life) क्या है?
अर्ध-आयु वह समय है जिसमें किसी अभिकारक की सांद्रता आधी रह जाती है। प्रथम क्रम अभिक्रिया के लिए t½ = 0.693/k होता है। यह स्थिर होता है और प्रारंभिक सांद्रता पर निर्भर नहीं करता।
8. आरहेनियस समीकरण क्या है?
आरहेनियस समीकरण दर नियतांक और तापमान के बीच संबंध बताता है: k = Ae^(-Ea/RT)। यहाँ Ea सक्रियण ऊर्जा है। यह दर्शाता है कि तापमान बढ़ने पर दर बढ़ती है।
9. सक्रियण ऊर्जा (Activation Energy) क्या है?
सक्रियण ऊर्जा वह न्यूनतम ऊर्जा है जो अभिकारक अणुओं को उत्पाद में बदलने के लिए आवश्यक होती है। जितनी कम Ea होगी, अभिक्रिया उतनी तेज होगी। उत्प्रेरक इसे कम करता है।
10. उत्प्रेरक (Catalyst) क्या है?
उत्प्रेरक वह पदार्थ है जो अभिक्रिया की दर बढ़ाता है लेकिन स्वयं अपरिवर्तित रहता है। यह सक्रियण ऊर्जा को कम करता है। उदाहरण: MnO₂, Pt आदि।
11. दर नियम (Rate Law) क्या है?
दर नियम वह गणितीय संबंध है जो अभिक्रिया की दर को अभिकारकों की सांद्रता से जोड़ता है। उदाहरण: Rate = k[A]^m[B]^n। यह प्रयोग द्वारा निर्धारित होता है।
12. तात्कालिक दर क्या है?
तात्कालिक दर किसी निश्चित समय पर अभिक्रिया की दर होती है। यह समय के अत्यंत छोटे अंतराल पर ली गई दर है। इसे गणितीय रूप से dy/dt से दर्शाते हैं।
13. औसत दर क्या है?
औसत दर किसी निश्चित समय अंतराल में सांद्रता परिवर्तन का औसत है। यह प्रारंभ और अंत के मानों से निकाली जाती है।
14. प्रथम क्रम अभिक्रिया का इकाई (Unit) क्या होता है?
प्रथम क्रम अभिक्रिया का दर नियतांक k की इकाई s⁻¹ होती है। यह समय के व्युत्क्रम को दर्शाता है।
15. द्वितीय क्रम अभिक्रिया की इकाई क्या होती है?
द्वितीय क्रम अभिक्रिया के लिए दर नियतांक की इकाई L mol⁻¹ s⁻¹ होती है।
16. अभिक्रिया की दर को प्रभावित करने वाले कारक बताइए।
सांद्रता, तापमान, उत्प्रेरक, सतह क्षेत्र और दाब (गैसों के लिए) अभिक्रिया की दर को प्रभावित करते हैं। तापमान बढ़ने से अणुओं की गतिज ऊर्जा बढ़ती है।
17. टकराव सिद्धांत (Collision Theory) क्या है?
इस सिद्धांत के अनुसार केवल वे अणु प्रतिक्रिया करते हैं जिनके बीच प्रभावी टकराव होता है। टकराव में पर्याप्त ऊर्जा और सही दिशा आवश्यक होती है।
18. प्रभावी टकराव क्या है?
वे टकराव जो उत्पाद बनाते हैं प्रभावी टकराव कहलाते हैं। इनमें ऊर्जा सक्रियण ऊर्जा से अधिक होती है।
19. शून्य क्रम अभिक्रिया का ग्राफ कैसा होता है?
शून्य क्रम अभिक्रिया में सांद्रता बनाम समय ग्राफ सीधी रेखा होती है जिसका ढाल ऋणात्मक होता है। यह दर के स्थिर होने को दर्शाता है।
20. प्रथम क्रम अभिक्रिया का महत्व क्या है?
प्रथम क्रम अभिक्रिया सबसे सामान्य प्रकार की अभिक्रिया है। इसके नियम सरल होते हैं और अधिकांश रेडियोधर्मी क्षय व अपघटन इसी के अंतर्गत आते हैं।
